Justice for Gulnaz : मासूम गुल्नाज़ को दरिंदो ने जिंदा जला दिया आखिर कब मिलेगा न्याय

Justice for Gulnaz : महज 4 महीने में उसकी शादी होने वाली थी। लेकिन डोली उठने से पहले ही उसका जनाज़ा उठ गया कुछ हैवानो ने उसे अपना शिकार बना लिया |

विनय राय के बेटे सतीश कुमार राय और विजय राय के बेटे चंदन कुमार राय ने वैशाली बिहार में उस मासूम को जलाकर मार डाला। मरने से पहले उसने खुद एक वीडियो में आरोपियों के नाम बताये थे ।

गुलनाज के घरवालों का बयान

20 वर्षीय गुलनाज खातून का भाई गुलशन परवेज बताता है कि ” आरोपी तीन महीने से उसके साथ छेड़छाड़ कर रहे थे जब मेरी बहन कचरा फेंकने जाती थी तो ये लोग उसे परेशान करते थे। 30 अक्टूबर को शाम 5 बजे, चंदन कुमार और सतीश कुमार ने उस पर मिट्टी का तेल डाला और उसे आग लगा दी, “|

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Justice for Gulnaz : मासूम गुल्नाज़ को दरिंदो ने जिंदा जला दिया आखिर कब मिलेगा न्याय


जिन्होंने यह कार्य किया उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। यहाँ तक कि social media पर #JusticeForGulnaz लगातार trend कर रहा है, अभी तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या बिहार पुलिस ने इस वारदात पर कोई ब्यान नहीं दिया है | नितीश कुमार अपने सुशासन के अगले चरण के लिए बधाईयाँ स्वीकारने में व्यस्त है ।

बिहार पुलिस और नेता कहां हैं?

पुलिस ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है जबकि पीड़ित, खुद एक वीडियो पर अपने हमलावरों का नाम लेते हुई दिखाई देती है, इससे पहले कि वह अपनी चोटों के कारण दम तोड़ देती। “उन्होंने उसे बताया था कि वे उसे मार डालेंगे, उन्होंने उसे मिट्टी के तेल से नहलाया और माचिस जलाई।

देशभर मे Justice for Gulnaz ki की लगी गुहार

इस बीच, social media पर justice for Gulnaz की मांग बढ़ रही है पर वही वो लोग खामोश है जो हर love jihad के नाम पर चिल्लाते रहते है अगर आरोपी मुस्लिम होता तो शायद न्याय की मांग करने वाले अधिक सक्रीय होते |

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कई लोग इस justice for gulnaz के मुद्दे पर शांत है क्यूंकि यहाँ पीड़ित एक गरीब परिवार की एक युवा मुस्लिम लड़की है, और आरोपी एक प्रभावशाली जाति से हैं।वहीँ कुछ ने के मनीषा वाल्मीकि मामले की तरह यहां भी स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

कहां हैं मनीषा वाल्मीकि का न्याय

उस समय भी justice for Manisha Valmiki खूब trend हुआ था पर उस के बाद कोई न्याय नहीं हुआ| और तो और किसी भी बड़े न्यूज़ चेनल और समाचार पत्र ने इस पर कोई खबर दिखाना भी ज़रूरी नहीं समझा |

समाचार रिपोर्ट के अनुसार, हमले के तुरंत बाद पुलिस को सूचना मिली और वह अस्पताल पहुंची। भले ही वे कथित तौर पर पीड़िता से मिले और उसका बयान दर्ज किया, लेकिन पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की।

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पीड़िता का अस्पताल में अपना बयान देने का वीडियो वायरल होने के चार दिन बाद ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए प्राथमिकी दर्ज की। और लड़की की म्रत्यु के 15 दिन भी पुलिस द्वारा कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।

भारत हेडलाइंस का बड़ा कदम

हम बस यही कहना चाहते हैं की चाहे मनीषा हो या गुल्नाज़ आखिर वो है तो देश की बेटियां , देश के नेता जश्न मके जश्न के शोर में बेटियों की चींखे किसी को सुनाई नहीं दे रही है | सर्वप्रथम bharatheadlines.com ने ही इस घटना को प्रमुखता दी थी और हम justice for Gulnaz और justice for Manisha के लिए आवाज़ उठाते रहेगे |

Dolly Deval:

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