Indian law vs Dubai Law : भारत में रेप केस के नियमों में संशोधन है जरूरी |

Indian law vs Dubai Law : भारत में रेप केस के नियमों में संशोधन है जरूरी |

Indian law vs Dubai Law : भारत (INDIA) में एक महिला को देवी के रूप में देखा जाता है। नवरात्र के 9 दिन कन्या पूजन किया जाता है और कन्या को किसी भी प्रकार के कष्ट से दूर रखा जाता है। इसके बावजूद भी भारत में रेप केस दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। देश में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां महिलाएं और कन्याएं सुरक्षित हैं।

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Indian law vs Dubai Law: भारत में रेप केस (RAPE CASE IN INDIA)

भारत में जब भी कोई रेप ( RAPE) होता है, तो सबसे पहले घर वाले ही साथ नहीं देते हैं। अगर आधुनिक समय की बात की जाए तो लोगों में जागरूकता देखी जा सकती है। चाहे वह निर्भया रेप केस हो, हाथरस रेप केस, हैदराबाद रेप केस या कठुआ रेप केस जहां पर पीड़ित कन्याओं की मौत हो जाती है और नियमों का हवाला दे दिया जाता है। यह पूर्ण रूप से अनुचित है।

भारत में रेप केस के नियम ( LAW OF RAPE CASE IN INDIA)

भारत में रेप होने पर भले ही पीड़िता की जान चली जाए लेकिन नियमों का हवाला देते हुए आरोपी आसानी से छूट जाते हैं या फिर सजा मिलने में सालों लग जाते हैं। निर्भया रेप केस की सुनवाई किसी से छिपी नहीं है जहां 7 वर्ष से अधिक समय आरोपियों को सजा मिलने में लगा। निर्भया रेप केस के बाद एक के बाद यह गंभीर अपराध बढ़ता ही चला गया।

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भारत में धारा 376 /375 के तहत आरोपी पर मुकदमा चलाया जाता है और इस बात की उम्मीद की जाती है कि आरोपी को सजा मिल सके। अगर आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध हो जाता है, तो आईपीसी की धारा 376 के तहत 10 साल तक सजा दिए जाने का प्रावधान है।

वही 375 की धारा के अनुसार बिना मर्जी के संबंध बनाने पर या 15 वर्ष की कम आयु की लड़कियों के साथ गलत व्यवहार के लिए भी सजा का प्रावधान है।

भारत में आरोपी को सजा मिलने में सालों लग जाते हैं तब तक लोग घटनाक्रम को ही भूलने लगते हैं। साथ ही साथ पीड़िता का परिवार और पीड़िता भी हीन भावना से ग्रसित हो जाते हैं, जो गिरते आत्मविश्वास को दर्शाता है।

अन्य देशों में रेप संबंधित नियम ( RAPE RELATED RULES IN OTHER COUNTRY)

जहां भारत में किसी भी रेप की सजा मिलने या इंसाफ मिलने में लंबा समय लग जाता है वही अगर अन्य देशों की बात की जाए तो नियम बहुत ही कठोर है, जहां ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाती है, जो सराहनीय कदम है।

Indian law vs Dubai Law: दुबई रेप केस नियम ( RAPE RELATED LAW IN DUBAI)

अगर हम दुबई(DUBAI) की बात करें तो वहां रेप केस को लेकर बहुत ही कठोर नियम है। अगर किसी व्यक्ति ने ऐसा जघन्य अपराध किया हो, तो प्राइवेट पार्ट को काटने का प्रावधान है। साथ ही साथ फांसी की सजा भी दी जाती है।

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ऐसे किसी भी सजा के होने पर दोबारा किसी और की हिम्मत नहीं हो पाती और महिलाओं और लड़कियों का आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है। दुबई में इस प्रकार की सजा होना उस देश के नागरिकों के लिए एक अच्छा कदम है, जो कारगर साबित होता है।

Indian law vs Dubai Law : भारत की सरकार को सीख ( INDIAN GOVERNMENT SHOULD LEARN)

भारत की सरकार को भी दुबई की सरकार से सीख लेनी चाहिए जहां जल्द ही सजा का प्रावधान होता है। भारत में देखा जाए तो हर अपराध की सजा मिलने में काफी लंबा समय लगता है, जो उचित नहीं है। ऐसे में भारत सरकार को जरूरी कदम उठाते हुए नियमों को कठोर करना होगा और इस जघन्य अपराध को खत्म करना होगा।

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आज लड़कियों में आत्मविश्वास जगा कर आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है ताकि वह आगे चलकर अपने भविष्य को सही दिशा की ओर ले जा सके। ऐसे में अगर नियमों में बदलाव कर दिया जाए तो निश्चित रूप से ही लड़कियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह एक बेहतर जीवन की कल्पना कर सकेंगी।

Shweta Royzada: Shweta is a content writer at Bharat headlines and she loves to write and blogging. She's a professionally a teacher and based in Bilaspur ( Chhattisgarh).

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